रिटायरमेंट प्लानिंग: पोर्टफोलियो में FD कैसे शामिल करें?

Last Updated

March 9, 2026

Last Updated

anam.mansoori@werize.com

Time To Read

14 mins

Table of Contents

About Werize

WeRize: India’s most trusted network of financial advisors

WeRize is a platform built for financial advisors to grow their income by offering financial products across 5,000+ towns and cities. With AI-powered tools and dedicated relationship manager support, WeRize registered financial consultants can serve their customers better, build long-term relationships with them, and earn up to ₹1 lakh per month.

Our Products

Offer multiple financial products to your customers

परिचय

आज के समय में हर कोई यह सोचता है कि बुढ़ापे में पैसे कहाँ से आएंगे। और यही सवाल है जो रिटायरमेंट प्लानिंग को इतना जरूरी बना देता है। जब नौकरी नहीं रहती, तब भी घर का खर्च तो चलता ही रहता है। इसलिए पहले से तैयारी करना बहुत जरूरी है।

अब सवाल यह है कि पैसे कहाँ लगाएं? शेयर मार्केट में? म्यूचुअल फंड में? या फिर FD में? इसके अलावा और भी कई विकल्प हैं। लेकिन FD यानी Fixed Deposit एक ऐसा निवेश है जो सुरक्षित भी है और इसमें रिटर्न भी तय होता है। यही कारण है कि रिटायरमेंट पोर्टफोलियो में FD को शामिल करना एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है।

तो चलिए, इस ब्लॉग में हम समझते हैं कि रिटायरमेंट के लिए FD फंड में निवेश कैसे करें और अपना पोर्टफोलियो सही तरीके से कैसे बनाएं।

रिटायरमेंट प्लानिंग का क्या मतलब है?

सीधे शब्दों में कहें तो रिटायरमेंट प्लानिंग का मतलब है – अभी से पैसे जमा करना ताकि बाद में जब काम बंद हो जाए, तब भी जिंदगी आराम से चले। जैसे कि आज आप ₹20,000 हर महीने कमाते हैं, तो रिटायरमेंट के बाद भी उतने ही या उससे ज्यादा पैसे की जरूरत होगी। और भी बड़ी बात यह है कि महंगाई हर साल बढ़ती है। इसलिए जो चीज आज ₹100 में मिलती है, वो 20 साल बाद शायद ₹250 में मिले। इसी वजह से रिटायरमेंट के लिए सिर्फ बचत काफी नहीं, बल्कि सही जगह निवेश भी जरूरी है।

रिटायरमेंट प्लानिंग में तीन मुख्य चीजें होती हैं:

  • कितने पैसों की जरूरत होगी – यह अंदाजा लगाना
  • सही जगह निवेश करना – जैसे कि FD, म्यूचुअल फंड, PPF वगैरह
  • धीरे-धीरे पैसे बढ़ाना – ताकि रिटायरमेंट तक एक अच्छा फंड तैयार हो जाए

इसलिए जितनी जल्दी शुरुआत करें, उतना फायदा होगा। वहीं दूसरी ओर, देर से शुरुआत करने पर ज्यादा पैसे लगाने पड़ते हैं।

रिटायरमेंट पोर्टफोलियो में FD का महत्व

अब सबसे बड़ी बात यह है कि FD को रिटायरमेंट पोर्टफोलियो में क्यों शामिल करें? इसके कई कारण हैं।

1. सुरक्षा: FD में पैसा डूबने का डर नहीं होता। बैंक FD पर ₹5 लाख तक की रकम DICGC के तहत सुरक्षित होती है। इसलिए यह एक बेहद भरोसेमंद विकल्प है।

2. तय रिटर्न: जैसे कि आपने 7% ब्याज दर पर FD कराई, तो अवधि पूरी होने पर आपको वही मिलेगा। शेयर बाजार की तरह यहाँ उतार-चढ़ाव नहीं होता।

3. नियमित आमदनी: रिटायरमेंट के बाद लोगों को हर महीने कुछ पैसे चाहिए होते हैं। FD में मासिक ब्याज का विकल्प होता है, जो एक तरह की पेंशन जैसा काम करता है।

इसके अलावा, FD लंबे समय के लिए भी ली जा सकती है – 5 साल, 7 साल या 10 साल तक। इसी वजह से रिटायरमेंट फंड के लिए यह एक आदर्श विकल्प बन जाता है। साथ ही, जो लोग जोखिम लेने से डरते हैं या बाजार की उठापटक से परेशान हो जाते हैं, उनके लिए FD सबसे अच्छा जरिया है।

रिटायरमेंट के लिए FD फंड में निवेश कैसे करें?

अब बात करते हैं असली काम की – यानी कि FD में निवेश कैसे करें और कैसे इसे अपने रिटायरमेंट फंड का हिस्सा बनाएं।

Smart FD Strategies

1. FD लैडरिंग: यह एक बहुत ही स्मार्ट तरीका है। इसमें एक ही बार सारा पैसा एक FD में नहीं लगाते, बल्कि अलग-अलग समय के लिए FD बनाते हैं। जैसे कि:

  • ₹1 लाख – 1 साल के लिए
  • ₹1 लाख – 3 साल के लिए
  • ₹1 लाख – 5 साल के लिए

इस तरह हर कुछ समय पर एक FD मैच्योर होती रहती है और आपके पास नियमित पैसे आते रहते हैं। वहीं दूसरी ओर, जरूरत पड़ने पर पैसे फंसे भी नहीं रहते।

2. मासिक ब्याज वाली FD: रिटायरमेंट के बाद जब नियमित आमदनी चाहिए हो, तब मासिक ब्याज भुगतान वाली FD बेहतर रहती है। इसमें हर महीने ब्याज सीधे अकाउंट में आता है।

3. सीनियर सिटिज़न FD: अगर आप या आपके ग्राहक 60 साल से ऊपर हैं, तो Senior Citizen FD में अतिरिक्त 0.25% से 0.50% तक ज्यादा ब्याज मिलता है। इसलिए इस विकल्प को जरूर देखें।

आज कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे Bajaj Finance, WeRize, Stable Money – FD निवेश को आसान बना देते हैं, यहाँ आप अपने ग्राहकों के लिए सही FD विकल्प आसानी से ढूंढ सकते हैं और उन्हें सही समय पर सही निवेश का मौका दे सकते हैं।

FD के प्रमुख प्रकार और उनकी तुलना

FD का प्रकारब्याज दर (अनुमानित)अवधिखासियत
बैंक FD6.5% – 7.5%1 – 10 सालसुरक्षित, आसान
पोस्ट ऑफिस FD6.9% – 7.5%1 – 5 सालसरकारी गारंटी
कॉर्पोरेट FD7% – 9%1 – 5 सालज्यादा रिटर्न, थोड़ा जोखिम
NBFC FD7.5% – 9.5%1 – 3 सालज़्यादा ब्याज दर

नोट: ब्याज दरें बदल सकती हैं, निवेश से पहले बैंक से पुष्टि करें।

रिटायरमेंट के लिए FD चुनते समय जरूरी बातें

FD लेना आसान है, लेकिन रिटायरमेंट के लिए सही FD चुनना और भी जरूरी होता है। निवेश करने से पहले नीचे दी गई बातों का ध्यान रखें:

1. ब्याज दर जरूर देखें

FD करने से पहले अलग-अलग बैंकों और संस्थाओं की ब्याज दरों की तुलना करें। कभी-कभी छोटे बैंक या NBFC ज्यादा ब्याज देते हैं, लेकिन निवेश करने से पहले उनकी विश्वसनीयता भी जांचना जरूरी है।

2. अवधि सोच-समझकर चुनें

रिटायरमेंट के समय आपको कब पैसे की जरूरत पड़ेगी, उसके अनुसार FD की अवधि तय करें। उदाहरण के लिए, अगर आपका रिटायरमेंट 5 साल बाद है तो 5 साल की FD एक सही विकल्प हो सकती है।

3. टैक्स का ध्यान रखें

FD पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है और यह आपकी कुल आय में जुड़ जाता है। इसलिए निवेश करते समय अपने टैक्स स्लैब को ध्यान में रखें। कुछ FD योजनाओं में आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी मिल सकती है।

4. समय से पहले पैसे निकालने की सुविधा देखें

कभी-कभी अचानक पैसों की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए ऐसी FD चुनना बेहतर होता है जिसमें जरूरत पड़ने पर समय से पहले पैसे निकाले जा सकें, हालांकि इसमें थोड़ा जुर्माना लग सकता है।

5. नॉमिनेशन जरूर करें

FD खोलते समय नॉमिनी का नाम जरूर दर्ज करें। इससे किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार के सदस्य आसानी से पैसे क्लेम कर सकते हैं।

रिटायरमेंट पोर्टफोलियो बैलेंस कैसे करें?

एक बात हमेशा याद रखें – सिर्फ FD से रिटायरमेंट की पूरी जरूरत नहीं पूरी होती। इसलिए पोर्टफोलियो में बैलेंस जरूरी है। जैसे कि एक सामान्य नियम है – जितनी उम्र हो, उतना प्रतिशत पैसा सुरक्षित निवेश जैसे FD, PPF, बॉन्ड में लगाएं। और बाकी बाजार से जुड़े निवेश में। उदाहरण के लिए:

  • अगर उम्र 40 साल है – 40% FD और सुरक्षित निवेश में, 60% म्यूचुअल फंड या शेयर में
  • अगर उम्र 55 साल है – 55% FD में, 45% बाकी निवेश में
  • अगर उम्र 65 साल है – 65-70% FD में, बाकी कम जोखिम वाले फंड में

इस तरह धीरे-धीरे उम्र बढ़ने के साथ-साथ FD का हिस्सा बढ़ता जाता है। यही कारण है कि यह तरीका रिटायरमेंट के लिए सबसे समझदारी वाला माना जाता है।

वहीं दूसरी ओर, यह भी ध्यान रखें कि सिर्फ एक ही जगह सारा पैसा न लगाएं। इसके अलावा, हर 1-2 साल में अपना पोर्टफोलियो review करें और जरूरत के हिसाब से बदलाव करें। साथ ही, रिटायरमेंट के बाद की जरूरतें जैसे कि स्वास्थ्य खर्च, घर का खर्च, और शौक के खर्च – इन सबको ध्यान में रखते हुए FD की प्लानिंग करें। तब तक इंतजार न करें जब तक रिटायरमेंट बिल्कुल करीब न आ जाए।

निष्कर्ष

तो दोस्तों, अब आप समझ गए होंगे कि रिटायरमेंट पोर्टफोलियो में FD फंड को शामिल करना क्यों जरूरी है और यह कैसे किया जाता है। FD एक सुरक्षित, भरोसेमंद और तय रिटर्न देने वाला निवेश है। इसलिए यह हर रिटायरमेंट प्लान का एक अहम हिस्सा होना चाहिए। और भी बड़ी बात यह है कि FD लैडरिंग, मासिक ब्याज और सीनियर सिटिज़न FD जैसे विकल्पों से आप अपने ग्राहकों के लिए एक बहुत अच्छा रिटायरमेंट फंड बना सकते हैं। साथ ही पोर्टफोलियो में बैलेंस बनाकर जोखिम भी कम किया जा सकता है।

इसलिए आज ही अपने ग्राहकों से बात करें, उनकी जरूरतें समझें और उन्हें सही दिशा में निवेश करने में मदद करें। क्योंकि एक अच्छी रिटायरमेंट प्लानिंग आज से ही शुरू होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. क्या FD रिटायरमेंट के लिए सही निवेश है?

हाँ, FD रिटायरमेंट के लिए एक बहुत अच्छा निवेश है क्योंकि इसमें पैसा सुरक्षित रहता है और रिटर्न तय होता है। लेकिन साथ ही, पोर्टफोलियो में दूसरे निवेश भी होने चाहिए।

Q2. रिटायरमेंट के लिए FD में कितना पैसा लगाएं?

यह आपकी उम्र, आमदनी और जरूरतों पर निर्भर करता है। एक सामान्य नियम है कि उम्र के बराबर प्रतिशत FD में लगाएं। इसलिए 50 साल की उम्र में 50% तक FD में रख सकते हैं।

Q3. Senior Citizen FD में क्या फायदा है?

60 साल से ऊपर के लोगों को सामान्य FD से 0.25% से 0.50% तक ज्यादा ब्याज मिलता है। इसके अलावा, ₹50,000 तक के ब्याज पर TDS नहीं कटता।

Q4. FD लैडरिंग क्या होती है?

FD लैडरिंग में पैसे को अलग-अलग समय के लिए अलग-अलग FD में लगाते हैं। इस तरह हर कुछ समय पर एक FD मैच्योर होती रहती है और नियमित पैसे मिलते रहते हैं।

Become WeRize financial consultant

Earn up to ₹1 lakh/month

Become WeRize financial consultant

Frequently asked questions?

Everything you need to know about becoming a WeRize partner

Related blog

Digital Gold: Your Opportunity to Build New Income in 2025

Are you a Partner who is ready to earn more income and explore new opportunities…

How Rahul Doubled His Income by Selling Loans

Rahul’s Story: From Struggle to Success Meet Rahul Sharma, a 28-year-old from Pune who managed…

Top Government Banks in India 2026 – Complete Banking Overview

If you plan to open a safe savings account, apply for a loan or invest…

शुद्धता का भरोसा: 99.9% 24K गोल्ड और हॉलमार्क की पूरी जानकारी

आज के समय में सोना सिर्फ गहने नहीं है। यह एक निवेश है और साथ…

Equity Mutual Funds for Beginners: Large, Mid and Small Cap Guide

Introduction Starting your investment journey can feel overwhelming. However, equity mutual funds offer a simple…

Safe Investment Expert: अपने शहर में ब्रांड कैसे बनाएं?

परिचय  आज हर घर में एक सवाल ज़रूर उठता है- “पैसे कहाँ लगाएं कि सुरक्षित…
  • All Posts
  • DSA Career Growth
  • Finance Knowledge
  • Financial Product Playbook
  • Partner Growth
  • Tools & Training
  • Trending Topic
Financial advisors
0 +
App downloads
0 lakh+
Happy customers
0 lakh+
Towns served
0 +

RBI

Registered

Our top partners earn up to ₹1 lakh monthly

See how much you can earn with WeRize
Your monthly earnings:

Payouts shown are indicative and may vary based on offers and monthly commission* updates. Contact your RM for current details.

Ready to start your journey as a WeRize partner?

cta