परिचय: TDS क्या है और यह क्यों कटता है?
जब भी आप बैंक में FD करते हैं या फिर कोई ब्याज की कमाई होती है, तब बैंक आपके पैसे में से कुछ रकम काट लेता है। और यही है TDS यानी Tax Deducted at Source (स्रोत पर काटा गया टैक)। आज के समय में यह व्यवस्था सरकार ने इसलिए बनाई है ताकि टैक्स इकट्ठा करना सही तरीके से हो सके।
सबसे बड़ी बात यह है कि TDS हर किसी से नहीं कटता। इसके अलावा, अगर आपकी कमाई टैक्स की सीमा से कम है, तो आपको TDS देने की ज़रूरत ही नहीं है। लेकिन बैंक को कैसे पता चलेगा कि आपको टैक्स भरना है या नहीं? इसी वजह से फॉर्म 15G और 15H का सिस्टम आता है।
मान लीजिए आपने ₹1 लाख की FD की और उस पर ₹7,000 इंटरेस्ट मिला। अगर आपकी कुल सालाना कमाई ₹2.5 लाख है, तो आपको टैक्स नहीं देना चाहिए, लेकिन बैंक अपने आप TDS काट लेता है। वहीं दूसरी ओर, अगर आप पहले ही Form 15G या 15H जमा कर देते हो, तो बैंक TDS नहीं काटेगा।
TDS तब कटता है जब FD या savings account का interest साल में ₹40,000 से ज्यादा हो जाए (senior citizen के लिए ₹50,000)। साथ ही, PAN नहीं होने पर 20% TDS कट सकता है। यही कारण है कि Form 15G और 15H को समझना और सही समय पर इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।
फॉर्म 15G और 15H क्या हैं? आसान भाषा में समझें
फॉर्म 15G और 15H दोनों ही सरकार के आधिकारिक फॉर्म हैं, जो आयकर कानून की धारा 197A के तहत आते हैं। इसके अलावा, इन फॉर्मों का मुख्य काम यही है कि आप बैंक या किसी भी वित्तीय संस्था को बता सकें कि आपकी कमाई टैक्स की सीमा से कम है, इसलिए TDS नहीं काटना चाहिए।
जैसे कि आप अपने बैंक को ये फॉर्म देकर घोषणा करते हैं कि आपकी कुल कमाई इतनी कम है कि आपको टैक्स भरना नहीं पड़ेगा। और यही कारण है कि बैंक उस घोषणा को मानकर आपके ब्याज पर TDS नहीं काटता।
फॉर्म 15G क्या है?
यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जो 60 साल से कम उम्र के हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि अगर आप छात्र हैं, गृहिणी हैं, या फिर कोई ऐसे व्यक्ति जिसकी कमाई मूल छूट सीमा (₹2.5 लाख) से कम है, तो आप यह फॉर्म भर सकते हैं। इस तरह बैंक आपकी FD के ब्याज पर TDS नहीं काटेगा।
फॉर्म 15H क्या है?
यह फॉर्म बुजुर्ग नागरिकों यानी 60 साल या उससे ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए है। वहीं दूसरी ओर, बुजुर्गों के लिए मूल छूट सीमा ₹3 लाख है, और अति बुजुर्ग नागरिकों (80 साल से ज़्यादा) के लिए ₹5 लाख है। इसलिए अगर आपकी कुल कमाई इस सीमा से कम है, तो आप फॉर्म 15H भरकर TDS बचा सकते हैं।
और भी ज़रूरी बात यह है कि ये फॉर्म हर साल भरने पड़ते हैं। तब तक जब तक आप हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ये फॉर्म जमा नहीं करते, बैंक TDS काटना शुरू कर देगा। धीरे-धीरे आप समझ जाएंगे कि ये फॉर्म आपके लिए कितने फायदेमंद हो सकते हैं।
अब सवाल यह है कि क्या हर कोई ये फॉर्म भर सकता है? नहीं! अगर आपकी कमाई टैक्स की सीमा से ज़्यादा है, तो आप ये फॉर्म नहीं भर सकते। साथ ही, अगर आपको टैक्स भरना पड़ रहा है, तो आप गलत घोषणा नहीं कर सकते। इसी वजह से इन फॉर्मों को भरने से पहले अपनी कमाई का हिसाब लगाना बहुत ज़रूरी है।
फॉर्म 15G और 15H में क्या अंतर है?
अक्सर लोग उलझन में पड़ जाते हैं कि फॉर्म 15G और 15H में क्या फर्क है। सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों फॉर्मों का मकसद एक ही है – TDS बचाना। लेकिन इनका इस्तेमाल अलग-अलग लोगों के लिए होता है।
मुख्य अंतर:
| विशेषता | फॉर्म 15G | फॉर्म 15H |
| उम्र की सीमा | 60 साल से कम | 60 साल या ज़्यादा |
| आय की सीमा | ₹2.5 लाख से कम | ₹3 लाख (60-80), ₹5 लाख (80+) |
| मान्यता अवधि | 1 वित्तीय वर्ष | 1 वित्तीय वर्ष |
| जमा करने का समय | साल की शुरुआत में | साल की शुरुआत में |
इस तरह आप देख सकते हैं कि दोनों फॉर्मों में सिर्फ उम्र और आय की सीमा का फर्क है। इसके अलावा, बाकी प्रक्रिया एकदम समान है। वहीं दूसरी ओर, अगर आप 59 साल के हैं तो फॉर्म 15G भरेंगे, और अगर 60 साल के हो गए तो फॉर्म 15H भरेंगे।
और भी महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों ही फॉर्मों में आपको अपनी अनुमानित कमाई की घोषणा करनी होती है। जैसे कि आपको यह बताना पड़ता है कि इस साल आपकी कितनी तनख्वाह होगी, कितना ब्याज मिलेगा, और कुल कमाई क्या रहेगी। साथ ही, आपको यह भी पुष्टि करनी पड़ती है कि आपकी कमाई टैक्स की सीमा से कम है।

कौन लोग फॉर्म 15G और 15H भर सकते हैं?
यह सबसे ज़रूरी सवाल है। अब सवाल यह है कि क्या हर कोई ये फॉर्म भर सकता है? जवाब है नहीं। सबसे बड़ी बात यह है कि आपको कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी।
फॉर्म 15G भरने की शर्तें:
• आपकी उम्र 60 साल से कम होनी चाहिए
• आप व्यक्तिगत होने चाहिए (कंपनी या संयुक्त परिवार नहीं)
• आपकी कुल कर योग्य आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए
• आपके पास मान्य पैन कार्ड होना चाहिए
• आप भारतीय निवासी होने चाहिए (विदेशी नहीं)
फॉर्म 15H भरने की शर्तें:
• आपकी उम्र 60 साल या उससे ज़्यादा होनी चाहिए
• आपकी कुल आय ₹3 लाख से कम (80+ साल के लिए ₹5 लाख)
• आप व्यक्तिगत होने चाहिए
• पैन कार्ड अनिवार्य है
• भारतीय निवासी होना ज़रूरी है
इसके अलावा, कुछ और भी ज़रूरी बातें हैं। जैसे कि अगर आपकी तनख्वाह है और मालिक TDS काट रहा है, तो भी आप बैंक में फॉर्म 15G/15H दे सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि आपकी कुल कमाई (तनख्वाह + ब्याज + अन्य आय) टैक्स की सीमा से कम होनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, अगर आप स्वतंत्र काम करते हैं या व्यापार करते हैं, और आपकी कमाई अनियमित है, तो भी आप अनुमान लगाकर ये फॉर्म भर सकते हैं। इस तरह आप अपनी ब्याज की कमाई पर TDS बचा सकते हैं। और यही कारण है कि ये फॉर्म छात्रों, गृहिणियों, और सेवानिवृत्त लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि अगर आप गलत जानकारी देते हैं, तो यह अपराध माना जा सकता है। इसलिए हमेशा सही और सटीक विवरण ही भरें। साथ ही, अगर साल के बीच में आपकी कमाई बढ़ जाए और टैक्स की सीमा पार हो जाए, तो आपको खुद ही रिटर्न भरकर टैक्स देना होगा।
फॉर्म 15G/15H कब और कैसे जमा करें?
फॉर्म जमा करने का सही समय और सही तरीका जानना बेहद ज़रूरी है। तब तक जब तक आप ये फॉर्म सही समय पर जमा नहीं करते, बैंक TDS काटना शुरू कर देगा।
कब जमा करें?
सबसे बड़ी बात यह है कि आपको हर वित्तीय साल की शुरुआत में यानी अप्रैल महीने में ही ये फॉर्म जमा कर देने चाहिए। जैसे कि अगर आपने जुलाई में FD की और फॉर्म नहीं भरा, तो अप्रैल से जून तक का TDS कट जाएगा। इसलिए जितनी जल्दी हो सके, फॉर्म जमा कर दें।
इसके अलावा, अगर आप साल के बीच में नई FD करते हैं, तो उसी समय फॉर्म दे दें। वहीं दूसरी ओर, अगर आपकी पहले से FD चल रही है, तो हर साल नया फॉर्म जमा करना पड़ेगा। धीरे-धीरे आप इसकी आदत डाल लेंगे।
कैसे जमा करें? – कदम दर कदम प्रक्रिया:
पहला कदम: फॉर्म डाउनलोड करें
फॉर्म 15G और 15H दोनों आयकर विभाग की वेबसाइट से मिल सकते हैं। और भी आसान तरीका यह है कि आप अपनी बैंक शाखा जाकर भी फॉर्म ले सकते हैं। आज के समय में ज़्यादातर बैंकों का ऑनलाइन पोर्टल भी है जहां से आप पीडीएफ उतार सकते हैं।
दूसरा कदम: फॉर्म ध्यान से भरें
फॉर्म में ये जानकारी भरनी होगी: आपका नाम (पैन कार्ड के अनुसार), पैन नंबर, पूरा पता, ईमेल और मोबाइल नंबर, पिछले साल की आय का विवरण, इस साल की अनुमानित आय, और बैंक खाते की जानकारी।
तीसरा कदम: कागज़ात जोड़ें
साथ ही, कुछ कागज़ातों की नकल भी लगानी पड़ सकती है जैसे पैन कार्ड की नकल, आधार कार्ड की नकल, और बैंक पासबुक का पहला पन्ना (कुछ बैंकों में)।
चौथा कदम: बैंक में जमा करें
फॉर्म को अपनी बैंक शाखा में जाकर जमा करें। इस तरह बैंक आपका फॉर्म जांच करेगा और प्रक्रिया करेगा। और यही कारण है कि खुद जाकर देना बेहतर होता है, क्योंकि अगर कोई गलती हो तो वहीं सुधार हो जाएगी।
पांचवा कदम: रसीद लें
जब आप फॉर्म जमा करें, तो बैंक से रसीद ज़रूर लें। यह आपका सबूत होगा कि आपने फॉर्म दिया था। इसके अलावा, कुछ बैंक ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी देते हैं जहां आप डिजिटल फॉर्म भर सकते हैं।
अब सवाल यह है कि क्या ये फॉर्म हर बैंक में अलग-अलग जमा करने पड़ते हैं? हाँ! अगर आपकी 3 बैंकों में FD है, तो तीनों जगह अलग-अलग फॉर्म देने होंगे। वहीं दूसरी ओर, एक ही बैंक में कई FD के लिए एक ही फॉर्म काम कर जाएगा।
निष्कर्ष
फॉर्म 15G और 15H टीडीएस बचाने के लिए बेहद ताकतवर उपकरण हैं। जैसे कि हमने इस लेख में देखा, अगर आपकी कमाई टैक्स की सीमा से कम है, तो आप इन फॉर्मों का इस्तेमाल करके हज़ारों रुपए बचा सकते हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि इन फॉर्मों को भरना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है। इसके अलावा, आप अपने बैंक में जाकर या ऑनलाइन भी यह काम कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, अगर आप समय पर कार्रवाई करते हैं, तो TDS कटने से पहले ही फॉर्म जमा हो जाएगा।
और यही कारण है कि हर पात्र व्यक्ति को ये फॉर्म ज़रूर भरने चाहिए। तब तक जब तक आप अपना पैसा बचाने के लिए सक्रिय कदम नहीं उठाते, आपका मेहनत का पैसा TDS में कटता रहेगा। इस तरह आपको बाद में रिटर्न भरकर वापसी लेनी पड़ेगी, जिसमें महीनों लग सकते हैं।
धीरे-धीरे जब आप ये फॉर्म नियमित रूप से भरने लगेंगे, तो यह प्रक्रिया आपके लिए एकदम सरल हो जाएगी। साथ ही, आप अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों को भी इसके बारे में बताएं ताकि वो भी अपना पैसा बचा सकें। आज के समय में, वित्तीय योजना बनाना बेहद ज़रूरी है, और इन छोटे-छोटे कदमों से आप हर साल अच्छी रकम बचा सकते हैं।
अब सवाल यह है – क्या आप अभी फॉर्म 15G/15H भरने के लिए तैयार हैं? इसलिए देर न करें, आज ही अपने बैंक जाएं या ऑनलाइन फॉर्म उतारें, और अपना TDS बचाना शुरू करें!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या फॉर्म 15G और 15H ऑनलाइन जमा कर सकते हैं?
हाँ, बहुत से बैंक अब ऑनलाइन जमा करने की सुविधा देते हैं। आप अपने नेट बैंकिंग पोर्टल पर जाकर डिजिटल फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ प्लेटफॉर्म्स जैसे Bajaj Finserv, WeRize पर भी इसी तरह का उदाहरण और गाइडेंस मिल जाती है, जिससे यह समझना आसान हो जाता है कि कौन सा Form किसे भरना चाहिए।
2. अगर मैं फॉर्म 15G/15H देना भूल गया और TDS कट गया, तो क्या करें?
अगर TDS कट गया है, तो आपको रिटर्न भरकर वापसी का दावा करना होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि वापसी की प्रक्रिया में 6-8 महीने लग सकते हैं। इसलिए अगले साल से समय पर फॉर्म जमा करें।
3. फॉर्म 15G/15H की मान्यता कितनी होती है?
ये फॉर्म सिर्फ एक वित्तीय साल के लिए मान्य होते हैं। यानी अप्रैल से मार्च तक। इसके अलावा, हर साल नया फॉर्म जमा करना ज़रूरी है।
